स्मार्टफोन, वॉट्सएप या फेसबुक नहीं, पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद
आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं।

शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर किसी के शरीर को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। क्योंकि पोटैशियम दिल, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सुचारू ढ़ग से चलाने में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया और मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। आज हम आपको इसकी कमी के कुछ संकेत बता रहे हैं, जिनकी कमी से होने वाली समस्याओं को आप आसानी से पहचान सकते हैं।
अनिद्रा की समस्या
अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं।
अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं।
तनाव
अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
मूड स्विंग
जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं।
जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं।

लगातार थकान बनी रहना
शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है।
शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है।
एसिड बढ़ना
पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है।
पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है।
ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना
पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है।
पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है।
credit hindustan
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