OMG! 15 करोड़ लोगों को है मेंटल हेल्थ केयर की जरूरत, पर क्यों!
भारत में अनुमानित 15 करोड़ लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल (mental healthcare) की जरूरत है. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 (National Mental Health Survey) में इस बात का खुलासा हुआ है. मानसिक स्वास्थ्य (mental health) के लक्षणों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जागरूकता में कमी के कारण देश में उपचार के बीच अंतर पैदा हुआ है. हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, "किसी भी मानसिक स्वास्थ्य विकार के लक्षण चिह्न्ति नहीं हैं, लेकिन कई बार वे अन्य स्थितियों की नकल लगते हैं. अधिकांश लोगों को केवल बेसिक देखभाल की आवश्यकता होती है. कुछ को तनाव, थकान और शरीर में दर्द होता है और किसी से बात करने या बस साथ बैठने का दिल करता है. यह केवल तब होता है जब ये लक्षण विकसित होते जाते हैं और चीजें बदतर होती जाती हैं, जिससे समय के साथ स्थिति गंभीर होती जाती है." उन्होंने कहा, "कई मामलों में अवसाद सहित मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं गरीबी, घरेलू हिंसा और कम उम्र में विवाह जैसी समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं. इसलिए, इस मुद्दे को समग्र रूप से देखना जरूरी है...